भारतीय प्रबंधन संस्थान नागपूर के साथ ‘दाता’ के रूप में जुड़ें: साथ मिलकर अगले दशक को भी सर्वोत्कृष्ट बनाएं !
2015 में स्थापित भारतीय प्रबंध संथान नागपुर (आईआईएम नागपूर) आज प्रबंधन शिक्षा, शोध और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में देश का एक सशक्त केंद्र बन चुका है।
नागपूर के मिहान क्षेत्र में 132 एकड़ फैला अत्याधुनिक स्थायी परिसर और निरंतर अकादमिक प्रगति के साथ आईआईएम नागपुर की अब तक की यात्रा तेज़ और सशक्त शैक्षणिक संस्थान की रही हैं।
एक दशक की इस उपलब्धि के अवसर पर, हम अपने पूर्व छात्रों, मित्रों, कॉरपोरेट्स, फाउंडेशन्स और शुभचिंतकों को IIM नागपुर गिविंग पहल से जुड़ने के लिए आमंत्रित करते हैं।
आपका यह सहयोग हमें आगे बढ़ने में मदद करेगा। इससे हम अधिक प्रभावशाली शिक्षा, बेहतर शोध, व्यापक अवसर प्रदान कर पाएंगे। आइए साथ मिलकर भारत के भविष्य को आकार दें।
यह दान क्यों है महत्वपूर्ण?
IIM नागपुर की ईस पहल के साथ जुड़ना केवल साधारण सहयोग नहीं हैं। साथ मिलकर हम भविष्य में सकारात्मक परिवर्तन की करने वाले हैं। आपका योगदान संस्थान को निम्नलिखित कार्यों में समर्थ बनाता है:
- शैक्षणिक कार्यक्रमों का विस्तार:
एमबीए हो या फिर एक्जीक्यूटिव एमबीए; पीएचडी हो या और कोई विशेषीकृत कार्यक्रम, सभी में नवाचार और सुदृढ़ीकरण के माध्यम से देश के भविष्य के लिए नवीन नेतृत्व का निर्माण आपके सहयोग से होना हैं। - अनुसंधान और ज्ञान सृजन को सशक्त बनाना:
आपका सहयोग अनुसंधान की पहलों, अंतःविषय परियोजनाओं और उत्कृष्टता केंद्रों को समर्थन देगा। उस से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान निकलेगा। - रणनीतिक साझेदारियों और नीतिगत पहलों को प्रोत्साहन:
आपके सहयोग के माध्यम से अकादमिक सहयोग, उद्योग साझेदारियाँ और अंतरराष्ट्रीय सहभागिताएँ आएंगी। सतत और समावेशी विकास में आईआईएम नागपूर की भूमिका और मजबूत बनेगी। - संस्थागत सुविधाओं और शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र का विकास:
आपके सहयोग से आईआईएम नागपूर में शैक्षणिक भवनों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, डिजिटल सुविधाओं और सहयोगात्मक मंचों का विस्तार होगा। ईससे छात्रों और संकाय को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। - छात्रवृत्तियाँ और पुरस्कार:
आपके सहयोग से ही योग्य और मेधावान छात्र आर्थिक सीमाओं से परे जाकर गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। छात्रों को आवश्यकता आधारित सहायता प्राप्त होगी, उन की भीतरी प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलेगा।
योगदान कैसे करे?
- छात्रवृत्तियाँ
केवल वित्तीय बाधाओं के कारण संस्थान में अध्ययन करने वाले किसी भी मेधावी छात्र की शिक्षा में अवरोध निर्माण नहीं होना चाहिए। ऐसे समय में दाताओं द्वारा समर्थित मेरिट-आधारित, आवश्यकता-आधारित, सेक्टोरल, पूर्ण या आंशिक छात्रवृत्तियाँ योग्य छात्रों को सहायता प्रदान करेंगी। आर्थिक समस्याओं से मुक्त हो कर छात्र केवल उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। - शैक्षणिक पुरस्कार
विद्वत्ता, नेतृत्व और सह-पाठ्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को शैक्षणिक पुरस्कार दिए जाए हैं। दाता के रूप में आप अकादमिक टॉपर्स, ऑल-राउंड परफॉर्मर्स या विशेष क्षेत्रों के लिए पुरस्कार एवं पदक स्थापित कर सकते हैं। - प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस
प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के लिए सहयोग प्रदान कर आप अनुभवी उद्योग नेताओं और डोमेन विशेषज्ञों को कक्षा से जोड़ने में योगदान दे सकते हैं। इससे व्यवहार-आधारित शिक्षा, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बल मिलता है। - अवसंरचना निर्माण और उन्नयन
तेजी से विकसित हो रहे संस्थान के रूप में, आईआईएम नागपुर अपनी शैक्षणिक, आवासीय और अनुसंधान परिसर का निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण कर रहा है। बेहतर शिक्षण परिवेश और दीर्घकालिक विकास के ईस लक्ष को पूर्ण करने के लिए दाताओं का सहयोग महत्त्वपूर्ण हैं। - अनुसंधान पहल, उत्कृष्टता केंद्र (CoEs)और प्रयोगशालाएँ
दाता-समर्थित अनुसंधान पहल और CoEs प्राथमिक क्षेत्रों में अंतःविषय कार्य को बढ़ावा देते हैं। इन कार्यों में अनुसंधान, प्रशिक्षण, नीतिगत परामर्श और ज्ञान प्रसार शामिल है। प्रयोगशालाएँ उद्योग-संगत और व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रयोगात्मक मंच प्रदान करती हैं। - अप्रतिबंधित दान
अप्रतिबंधित दान आईआईएम नागपुर को उभरती आवश्यकताओं के अनुसार शीघ्र और प्रभावी निर्णय लेने की खंता प्रदान करता हैं। ईस निधि का उपयोग संस्थान की दृष्टि, मिशन और अकादमिक विकास योजनाओं के अनुरूप किया जाता है। - प्रायोजन
आईआईएम नागपुर संकाय और छात्रों द्वारा संचालित शैक्षणिक सम्मेलनों, नेतृत्व मंचों और उद्योग-संवाद कार्यक्रमों का आयोजन करता है। ऐसे कार्यक्रमों के प्रायोजन से आप का ब्रांड प्रमोशन होगा, साथ में एक अकादमिक कार्य से जुड़ाव संभव होगा। - अन्य रणनीतिक परियोजनाएँ
संस्थान ऐसे दाता-प्रस्तावित क्षेत्रों पर चर्चा के लिए सदैव तत्पर है, जो इसके अकादमिक, अनुसंधान और सामाजिक उद्देश्यों के अनुरूप हों। इस प्रकार के सहयोग दीर्घकालिक संस्थागत मूल्य सृजन को सक्षम बनाते हैं।
परिसर से परे प्रभाव
आपकी उदारता का प्रभाव परिसर की सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है।
आईआईएम नागपुर की योजनाएं ऐसे नेतृत्व को आकार दे रही हैं जो नैतिक व्यावसायिक विकास, सतत नीतियों, सामाजिक प्रभाव और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को आगे बढ़ा सके।
शाश्वत विकास से लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य पर केंद्रित केस प्रतियोगिताओं तक, रणनीतिक सहयोगों और सामुदायिक सहभागिताओं के माध्यम से आईआईएम नागपुर राष्ट्रीय विकास में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा हैं।
मान्यता और सहभागिता
आईआईएम नागपुर अपने दाताओं और भागीदारों को उपयुक्त मान्यता और सहभागिता के माध्यम से सम्मानित करता है, जिससे आपके योगदान का उत्सव मनाया जा सके और संस्थान के मिशन तथा समुदाय के साथ दीर्घकालिक जुड़ाव स्थापित हो।
आईआईएम नागपुर को दिए गए दान कर छूट एवं CSR लाभों के लिए पात्र हैं।
हमारे साथ जुड़े
आइए, मिलकर ऐसा भविष्य निर्मित करें जहाँ नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक प्रभाव साथ-साथ विकसित हों।
ज्ञानेश्वर गुढ़धे
लीड ऑफिसर | ऑफिस फॉर फंड इनिशिएटिव्स
भारतीय प्रबंधन संस्थान नागपुर
प्लॉट नं. 1, सेक्टर 20, MIHAN (नॉन–SEZ), नागपुर – 441108
फोन: 0712-2870364 | मोबाइल: +91-9420606095
ईमेल: giving@iimnagpur.ac.in
