आईआईएम नागपुर में आपका स्वागत है!
मुझे भारतीय प्रबंध संस्थान नागपुर (आईआईएमएन) में आपका हार्दिक स्वागत करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आईआईएम नागपुर की स्थापना वर्ष 2015 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के तीसरी पीढ़ी के पहले आईआईएम के रूप में, महाराष्ट्र की ‘ऑरेंज सिटी’ नागपुर में की गई। नागपुर देश के प्रमुख महानगरों अर्थात दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता से हवाई यात्रा के समय के लिहाज़ से लगभग समान दूरी पर स्थित है। यह तेज़ी से विकसित हो रहा शहर आज भारत की लॉजिस्टिक्स राजधानी के रूप में उभर रहा है और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
आईआईएम नागपुर का 132 एकड़ में फैला अत्याधुनिक परिसर देश के पहले मल्टी-प्रोडक्ट विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) मिहान में स्थित है। यह परिसर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट और एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र के केंद्र में स्थित है। इस रणनीतिक स्थान के कारण आईआईएम नागपुर को उद्योग के साथ निकटता और विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक साझेदारियाँ विकसित करने का स्वाभाविक लाभ मिलता है। उद्योग के साथ मजबूत जुड़ाव के माध्यम से ‘कॉर्पोरेट को कक्षा तक’ लाने पर हमारा निरंतर ध्यान, छात्रों को वास्तविक कार्यक्षेत्र के अनुभव प्रदान करता है और उन्हें व्यावसायिक दुनिया के लिए बेहतर रूप से तैयार करता है।
हाल के वर्षों में महाराष्ट्र की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र पूर्व की ओर, विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र की ओर स्थानांतरित हुआ है। विगत वर्षों में आईआईएम नागपुर ने उद्योग क्षेत्र के साथ मिलकर कार्य कीया हैं। इस तेज़ी से उभरते क्षेत्र में यह संस्थान व्यापार और समाज दोनों के लिए सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नवाचार की भावना को आगे बढ़ाते हुए, आईआईएम नागपूर अब देश के आर्थिक परिवर्तन और सामाजिक विकास में भी योगदान दे रहा हैं।
नागपूर भारत का भौगोलिक केंद्र हैं। ‘ज़ीरो माइलस्टोन’ के लिए यह स्थान प्रसिद्ध हैं। शहर को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से उत्कृष्ट संपर्क प्राप्त है। नागपुर की लॉजिस्टिक्स क्षमता भी अत्यंत मजबूत है। इन विशेषताओं के कारण आईआईएम नागपुर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहायक भूमिका निभाने के लिए उपयुक्त स्थान पर स्थित है। यह संस्थान को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए भी सक्षम बनाता है।
आईआईएम नागपुर में ऐसे उत्कृष्ट संकाय सदस्य हैं, जो एक और उन्नत शोध करते हैं और दूसरी और उद्योग क्षेत्र का व्यापक अनुभव भी रखते हैं। देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभाशाली छात्र यहाँ आते हैं, जिससे एक विविध और समृद्ध शिक्षण वातावरण बनता है। संस्थान छात्रों को उद्यमिता और व्यवहारिक शिक्षा के विशेष अवसर प्रदान करता है। आईआईएम नागपुर फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरियल डेवलपमेंट (InFED), फील्ड स्टडी प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय इमर्शन कार्यक्रम ईस के कुछ ही उदाहरण हैं। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियाँ आईआईएम नागपुर के छात्रों की गुणवत्ता से प्रभावित रही हैं। शोध और ज्ञान सृजन को बढ़ावा देने तथा देश के अन्य प्रबंधन संस्थानों को अकादमिक सहयोग देने के उद्देश्य से, आईआईएम नागपुर ने शैक्षणिक सत्र 2021–22 से पूर्णकालिक डॉक्टोरल कार्यक्रम भी प्रारंभ किया है।
आईआईएम नागपुर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अधिकारियों के लिए एक्ज़ीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम्स (EEP) भी संचालित करता हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, डिजिटलीकरण और आजीवन सीखने की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए, संस्थान शीघ्र ही एक ई-लर्निंग केंद्र की शुरुआत कर रहा है, जहाँ प्रबंधन के विशेष क्षेत्रों में कौशल-विकास, पुनः-कौशल और उन्नयन के लिए ऑनलाइन प्रमाणपत्र कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
विशिष्ट शैक्षणिक कार्यक्रमों, आधुनिक भौतिक और ज्ञान अवसंरचना, समृद्ध बौद्धिक पूंजी, उद्योग से निकटता और उत्कृष्ट संपर्क सुविधाओं के साथ, आईआईएम नागपुर निरंतर नए मानक स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। हमारा उद्देश्य एमबीए, डॉक्टोरल और एक्ज़ीक्यूटिव शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से देश के लिए ऐसा नेतृत्व तैयार करना है, जो भविष्य में कार्यस्थलों का नेतृत्व कर सामान्य जन, पर्यावरण तथा लाभ तीनों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकें।
इन सभी विशेषताओं के साथ, आईआईएम नागपुर सीखने, आगे बढ़ने और बदलाव का नेतृत्व करने का एक प्रेरक स्थान है। हम आपको आईआईएम नागपुर के संकाय, कर्मचारियों, छात्रों और पूर्व छात्रों के इस सशक्त समुदाय का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं, जो भविष्य की कार्यसंस्कृति को आकार दे रहा है।
निदेशक,
भारतीय प्रबंध संस्थान नागपूर
