प्रो. देबारुन चक्रवर्ती का शोध पत्र, जिसका शीर्षक ‘रिवोल्यूशनइजिंग ट्रैवल: द इम्पैक्ट ऑफ जेनरेटिव AI ऑन पर्सनलाइजेशन एंड एफिशिएंसी इन द टूरिज्म इंडस्ट्री’ है, ‘इंडियन जर्नल ऑफ मार्केटिंग’ में प्रकाशित हुआ है। यह शोध उन सामाजिक, भावनात्मक और कार्यात्मक मूल्यों का मूल्यांकन करता है, जो उपयोगकर्ताओं के ट्रैवल एंड टूरिज्म ऐप्स (TTA) का उपयोग करने के इरादे और उनके भरोसे को प्रभावित करते हैं। इसमें TTA पर जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GAI) कंटेंट के प्रभाव की जांच की गई है। यह शोध बताता है कि जब लोग दोस्तों द्वारा सुझाए गए ऐप्स के बारे में सकारात्मक टिप्पणियों के साथ उनके उपयोग की जानकारी देखते हैं, तो सामाजिक प्रभाव की प्रक्रियाएं सक्रिय हो सकती हैं।
हालांकि, अगर दोस्त किसी ऐप के बारे में खराब रिव्यू देते हैं, तो केवल ‘नॉर्मेटिव’ (सामाजिक मानदंडों से जुड़ी) जानकारी ही लोगों को उन ऐप्स का उपयोग न करने के लिए प्रेरित कर सकती है। यह शोध पर्यटन उद्योग में AI को शामिल करने की संभावनाओं की जांच करता है और इस तकनीक से जुड़े नैतिक तथा जनसांख्यिकीय मुद्दों पर भी चर्चा करता है।
