आईआईएम नागपुर के 10वें दीक्षांत समारोह में 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान

आईआईएम नागपुर के 10वें दीक्षांत समारोह में 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान
Home/ समाचार/आईआईएम नागपुर के 10वें दीक्षांत समारोह में 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान

आईआईएम नागपुर के 10वें दीक्षांत समारोह में 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदानमई 23, 2026

नागपुर: भारतीय प्रबंध संस्थान नागपुर का 10वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। इसमें कुल 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। प्रबंधन शिक्षा, एक्जीक्यूटिव एजुकेशन, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में आईआईएम नागपुर की निरंतर प्रगति इस समारोह से रेखांकित हुई।
उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एमबीए 2024-26 बैच के 347 विद्यार्थी, नागपुर और पुणे स्थित एक्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रमों के 95 विद्यार्थी, साथ ही एक एक्जीक्यूटिव पीएच.डी. शोधार्थी शामिल थे। इस दीक्षांत समारोह की विशेषता यह रही कि आईआईएम नागपुर ने इस वर्ष अपनी पहली एक्जीक्यूटिव पीएच.डी. यानी आचार्य उपाधि प्रदान की। साथ ही फ्रांस के दो विद्यार्थियों ने संस्थान के अंतरराष्ट्रीय उपक्रम के अंतर्गत ड्युअल डिग्री कार्यक्रम पूरा कर उपाधि ग्रहण की।

जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष श्री सज्जन जिंदल इस दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि थे। सिग्मा कैपिटल लिमिटेड के अध्यक्ष श्री देवेन जे. मेहता विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेत्री, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री सी. पी. गुरनानी, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य और प्राध्यापकगण मंच पर उपस्थित थे।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री सज्जन जिंदल ने कहा कि महान नेतृत्व केवल बड़े निर्णयों वाली बोर्डरूम बैठकों में नहीं बनता, बल्कि कम जोखिम वाली छोटी बैठकों में, बिना किसी की नजर में आए लिए गए असंख्य निर्णयों से आकार लेता है। उन्होंने कहा, “बोर्डरूम में कई बार महत्वपूर्ण निर्णय सहजता से लिए गए लगते हैं, लेकिन उनके पीछे वर्षों का अनुभव, तपस्या, अभ्यास और सुधार होते हैं।”

अपने भाषण में श्री जिंदल ने टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर के सहज और सुंदर दिखने वाले बैकहैंड का संदर्भ देते हुए उसकी तुलना विश्वस्तरीय संस्थाओं और व्यवसायों के निर्माण से की। उन्होंने कहा कि बाहर से सहज, स्वाभाविक या सुंदर दिखने वाली सफलता वास्तव में हजारों बार किए गए अभ्यास, सुधार और लगातार बनाए रखे गए उच्च मानकों का परिणाम होती है।

श्री जिंदल ने कहा, “जो सहज दिखता है, वह वास्तव में सहज नहीं होता। उसका सौंदर्य वास्तविक होता है, लेकिन उसके पीछे वर्षों का अनुशासित अभ्यास होता है।” उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत नेतृत्व, व्यवसाय और संस्थान निर्माण पर भी लागू होता है।

भारत को अनुशासन, उद्देश्य और कार्यशील दृष्टिकोण वाले नेतृत्व की आवश्यकता है, ऐसा कहते हुए श्री जिंदल ने 2026 के स्नातक विद्यार्थियों से ईमानदारी, साहस और देशप्रेम के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “भारत को केवल भविष्य देखने वाले लोगों की जरूरत नहीं है; भारत को ऐसे लोगों की जरूरत है जो उस भविष्य का निर्माण कर सकें।”

विशेष अतिथि श्री देवेन जे. मेहता ने विद्यार्थियों से अपने व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन की यात्रा में चार महत्वपूर्ण सफलता मंत्र साथ रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “ईमानदारी, कड़ी मेहनत, विश्वास और साहस — ये मूल्य कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने में मदद करते हैं।”

उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में आगे बढ़ते समय सकारात्मक और विनम्र बने रहने की भी अपील की। उन्होंने कहा, “जीवन में बड़े बनें और मुस्कुराते रहें।” उन्होंने कहा कि सफलता के साथ विनम्रता और आनंद भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए श्री मेहता ने कहा कि भारत तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश है और देश के भीतर ही बड़े अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने युवाओं से देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, “भारत को अभी बहुत आगे जाना है। इस प्रगति और विकास का आप सभी हिस्सा बनें।” इससे पहले डॉ. सी. पी. गुरनानी ने स्वागत भाषण दिया।

झलकियां

  • आईआईएम नागपुर के उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों में एमबीए 2024-26 बैच के 347 विद्यार्थी, नागपुर और पुणे के एक्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रमों के 95 विद्यार्थी और एक एक्जीक्यूटिव पीएच.डी. शोधार्थी शामिल थे। कुल उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों में 288 पुरुष और 155 महिला विद्यार्थी थीं।
  • इस वर्ष आईआईएम नागपुर को छह अंतरराष्ट्रीय ऑफर प्राप्त हुए। साथ ही संस्थान ने वार्षिक 73.17 लाख रुपये का सर्वोच्च पैकेज दर्ज किया। इस प्लेसमेंट प्रक्रिया में 250 से अधिक अग्रणी कंपनियों ने भाग लिया। इनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियां, प्रतिष्ठित भारतीय कंपनियां और प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल थे।
  • समारोह में शैक्षणिक प्रदर्शन, सर्वांगीण गुणवत्ता और विभिन्न विशेष क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
  • प्रशांत गुप्ता को एमबीए कार्यक्रम में सर्वोत्तम शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नागपुर गोल्ड मेडल और रायसोनी एजुकेशन के सहयोग से प्रदान किया जाने वाला 5 लाख रुपये का जी. एच. रायसोनी मेरिट अवॉर्ड प्रदान किया गया।
  • सोमानी शुभ को दूसरे सर्वोत्तम शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए जी. एच. रायसोनी गोल्ड मेडल प्रदान किया गया, जबकि शिवम चंद्र को सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नागपुर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
  • एक्जीक्यूटिव एमबीए विभाग में पुणे 2023-25 बैच के योगेश माधवराव वाधोणकर और अनुरूप अजमेरा को गुणवत्ता के आधार पर संयुक्त रूप से शैक्षणिक प्रदर्शन पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • नागपुर 2023-25 बैच के विष्णु कांत और पुणे 2024-26 बैच की अंकिता यादव को भी उनकी संबंधित बैच में शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
  • आईआईएम नागपुर का 10वां दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उत्कृष्टता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, एक्जीक्यूटिव एजुकेशन, अनुसंधान वृद्धि और विद्यार्थियों की सफलता का उत्सव बना।
  • भारत और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व विकास में योगदान देने वाली एक युवा और तेजी से प्रगति कर रही प्रबंधन संस्था के रूप में आईआईएम नागपुर की बढ़ती भूमिका इस समारोह से रेखांकित हुई।