IIM नागपुर की पहल से बदलेगी महाराष्ट्र के गांवों की तस्वीर

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IIM नागपुर की पहल से बदलेगी महाराष्ट्र के गांवों की तस्वीरजनवरी 30, 2026

IIM नागपुर की पहल से बदलेगी महाराष्ट्र के गांवों की तस्वीर

टाटा मोटर्स फाउंडेशन और राज्य सरकार के साथ मिलकर शुरू हुआ IVDP 2.0

नागपुर, 29 जनवरी 2026

 

अब महाराष्ट्र के गांवों में विकास योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर असर दिखेगा। इसी उद्देश्य के साथ भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) नागपुर, टाटा मोटर्स फाउंडेशन और महाराष्ट्र सरकार ने मिलकर इंटीग्रेटेड विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम (IVDP) 2.0 की शुरुआत की है।

इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत तीनों संस्थाओं के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर IIM नागपुर के निदेशक डॉ. भिमराया मेत्री और टाटा मोटर्स फाउंडेशन के सीईओ श्री विनोद कुलकर्णी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सुश्री प्रिया खान, आईएएस (सेवानिवृत्त) एवं IIM नागपुर में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस प्रो. अनूप कुमार, साथ ही संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल मकरंद अलूर और प्रो. नीलकंठ धोने भी उपस्थित रहे।

इस साझेदारी के तहत टाटा मोटर्स फाउंडेशन वित्तीय सहयोग देगा, राज्य सरकार प्रशासनिक मार्गदर्शन प्रदान करेगी, जबकि IIM नागपुर इस पूरे कार्यक्रम का नॉलेज पार्टनर होगा। इसके साथ ही, राज्य की प्रशिक्षण संस्था यशदा (YASHADA) के सहयोग से फील्ड स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाएं सही लाभार्थी तक समय पर पहुंच सकें।

IIM नागपुर के निदेशक डॉ. भिमराया मेत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि IIM का ज्ञान केवल कक्षाओं तक सीमित न रहे। इस पहल के माध्यम से हम सीधे किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहे हैं। हमारा प्रयास है कि आधुनिक प्रबंधन तकनीकों के जरिए गांवों में शिक्षा, कृषि और आजीविका को मजबूती मिले।”

टाटा मोटर्स फाउंडेशन के सीईओ विनोद कुलकर्णी ने बताया कि IIM नागपुर की भूमिका ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) को और अधिक प्रभावी बनाने में अहम होगी। “संस्थान योजना निर्माण, उसके मूल्यांकन और तीन वर्षों बाद प्रभाव अध्ययन में सहयोग करेगा, ताकि विकास कार्य ठोस और टिकाऊ बन सकें।”

प्रो. अनूप कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। “हम एक ऐसा मॉडल विकसित कर रहे हैं, जिसे देश के किसी भी गांव में अपनाया जा सके। इसकी शुरुआत महाराष्ट्र से हो रही है।”

वहीं, प्रिया खान ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह सहयोग सरकार की योजनाओं को ज़मीनी जरूरतों से जोड़ने में मदद करेगा और विकास को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाएगा।