‘सबसे छोटा दिन, सबसे बड़ा संदेश’: आईआईएम नागपुर में मनाया विश्व ध्यान दिवस

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‘सबसे छोटा दिन, सबसे बड़ा संदेश’: आईआईएम नागपुर में मनाया विश्व ध्यान दिवसदिसम्बर 24, 2025

‘सबसे छोटा दिन, सबसे बड़ा संदेश’: आईआईएम नागपुर में मनाया विश्व ध्यान दिवस

नागपुर :

भारतीय प्रबंध संस्थान नागपुर (आईआईएम नागपुर) परिसर में रविवार सुबह विश्व ध्यान दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। वक्ताओं ने शारीरिक स्वास्थ्य से आगे बढ़कर आत्मिक कल्याण पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिमालयन समर्पण ध्यानयोग आंदोलन के संस्थापक शिवकृपानंद स्वामीजी ने ध्यान के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग से शरीर स्वस्थ होता है और मन स्थिर होता है, जबकि ध्यान आत्मा का कल्याण करता है, और वही सर्वोच्च स्वास्थ्य है।

स्वामीजी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के माध्यम से योग को वैश्विक पहचान मिली है, और अब समय आ गया है कि भारत दुनिया को अगली अवस्था, अर्थात ध्यान–समाधि की ओर मार्गदर्शन करे।

इस अवसर पर आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेत्री ने भी कार्यक्रम का महत्व बताया। उन्होंने कहा, “21 दिसंबर वर्ष का सबसे छोटा दिन है, लेकिन आज हम दुनिया को सबसे बड़ा संदेश दे रहे हैं।”

दीप प्रज्वलन समारोह में आईआईएम नागपुर के निदेशक प्रो. मेत्री, इन्फोसिस के राहुल करंगाले, नागपुर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल, वरिष्ठ उद्यमी शशिकांत चौधरी, तथा कामठी कैंटोनमेंट बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अभिजीत वाळिंबे उपस्थित थे। गुरुतत्त्व और समर्पण ध्यान आंदोलन की ओर से शीना ओमप्रकाश, आशिष थळावर और लीलाधर ठमके ने सहभागिता की।

इस कार्यक्रम में नागपुर के अनेक गणमान्य नागरिक और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। आईआईएम नागपुर के प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ-साथ सैकड़ों विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।